Friday, 17 January 2014

गीत :बुंदेली फाग

Sudha Raje
फागुन आ गये द्वार विराने
फागुन आ गये द्वार विराने
जाने काये के लाने
आ गये फागुन द्वार विराने
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पीरै पीरे पान भये हैं
छ्योला सिलगे प्रान हये है
पीरी राई फरी गुछ्छन में
जै रितु राज विहान भये हैं
कच्ची कैरी बेरी फर गयी
लगी कनक हुलसाने
आ गये फागुन द्वार विराने
की कौ जिया जरानै
आ गये फागुन द्वार विराने
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Sudha Raje
Dta/Bjnr
रोरी घोरी थोरी थोरी
अँखियन अँखियन
जोरा जोरी
जी भऔ सोरा बरस
की छोरी
हिय केशर अकुलाने
आ गये फागुन द्वार विराने
की कौ जिया जराने
फागुन आ गये द्वार विराने
जाने काये के लाने
फागुन आ-----+
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Sudha Raje
श्यामा गोरी साँवरि गुईयाँ
बाट अबेरें आयें न सईयाँ
हेरें नैनन की पिचकारीं
सातऊ रंग बिलाने
आ गये फागुन द्वार विराने
जाने काये के लाने???
आ गये फागुन द्वार विराने
की कौ जिया जराने
फागुन आ गये द्वार विराने
©®सुधा राजे
Mar
13 ·
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