Saturday, 21 December 2013

स्त्री और कानून

Sudha Raje
जबकि माँ बाप को इस
व्यभिचार की कीमत
भरनी होगी???
तो माँ बाप
की क्यों नहीँ चलनी चाहिये????
क्या परिवार तोङने
की साजिश नहीँ है????
किसी भी लङके
लङकी को खुली छूट दे
दी जाओ
खेलो आबरू से
शादी नही करनी पङेगी
और रेप के केस से नाबालिग
लङके तो बचे हुये हैं ही बङे
को सिर्फ यही साबित
करना है लङकी सहमत
थी???
जिस देश में रेप को तक
सहमति बना कर अदालत में
दिखाने की पूरी कोशिश
की जाती है
तब????
कितना आसान है एक
लङकी को नशा देकर
लालच धमकी या ब्लैकमेल
करके या भावनायें
भङका कर
""सहमति""साबित कर
देना
माननीयों से सवाल है ये
किसके लाभ के लिये है????
सेक्स केवल क्षणिक आनंद
का विषय बनाकर रख
दिया आप लोगों ने??????
इससे कुदरत का नियम
नहीँ बदलेगा
वो लङकियाँ जो प्रेगनेंट
होंगी धोखे या भूल से
उन प्रसवो को एक
माननीय नाबालिग प्रेम
राहत कोष औऱ
अविवाहित
जच्चा बच्चा केंद्र
भी खुलवायें
औऱ
माँ बाप क्यों खिलायें उन
हरामियों को जिनके
लिये माँ बाप की कमाई
तो चाहिये
मान
रक्षा या सहमति नहीँ
विवाह के अलावा ये
बेरोजगार नाबालिग
माँओं का बेबाप
बच्चों का भी सवाल है
इससे लङकी को क्या लाभ
है विवाह
बिना यौनाचार की छूट
ही तो??
16 वर्ष
की लङकी को सेक्स
की छूट देने का अर्थ
लङकी के हित में
तो 100%नहीँ ही हो सकता क्योंकि
बच्चा?????? जब तक
माँ बाप का नहीँ तब तक
कोई कानून अधूरा ही है
और ये कानून सिर्फ
पुरूष को बचा रहा है
कि किसी 16वर्ष तक
की लङकी से बनाये दैहिक
संबंध बलात्कार
की श्रेणी में ना आ
जायें!!!!!
तब आवश्यक है कि केवल
जाओ बेटा मजे लो कोई
फरक
नहीँ अलबत्ता वाली ही मानसिकता है
और कुछ भी नहीँ
लङकी ना तब खुद
कमाती है
ना बच्चा पैदा कर
सकती है ना शादी कर
सकती है
ना लङका या कमीनेपन
की हदों पर बैठे प्रौढ़ हैं
तो विवाह की कोई
मजबूरी खत्म?????
क्या वह पुरूष इसके लिये
तैयार है कि उस लङकी के
साथ ही जीवन
बिताना है??????
विवाह पूर्व सेक्स
का क्या समर्थन लिव इन
रिलेशनशिप के रूप में
नहीँ खतरनाक था??
एड्स का खतरा दिखाकर
कॉण्डोम के विज्ञापन
वीभत्सता की चरमसीमा पार
कर गये हैं औऱ एड्स का डर
निकल ही गया है कॉडोंम
है न??
लेकिन एड्स नहीं रूकता बढ़
रहा है
औऱ अब हर
लङकी को सहमति माँगो यूज
करो की घोषणा कर
दी गयी ???
16 वर्ष की लङकी को आम
औसत भारतीय समाज
बेटी बच्ची मानकर
चलता है माना जाता है
और जब कोई बङी उम्र
का व्यक्ति उसपर दैहिक
लावच भरे संकेत या प्रयास
करता है तो उस बङी आयु
के व्यक्ति को पतित
माना जाता है
सहमति माने क्या??????
एक उत्सुकतावस्था??? एक
चकित मनोपरिवर्तन
जहाँ कामवासना और प्रेम
का अंतर समझने लायक
हालात प्रायः गरीब और
मध्यम वर्गीय परिवार के
बच्चों में पनप नहीँ पाते????
हर चीज चाहे वह काम
की हो या नहीँ खीँचती है
जैसे बच्चा घुटनो चलते
कूङा करकट कुछ भी मुँह में
डाल लेता है और माँ हर
वक्त खयाल रखती है
माटी खायी??? पेंसिल???
कोयला राख???
और तब माँ पूरी तरह
मारपीट टोकटाक
रखवाली से समझा लेती है
सिखा लेती है
क्या खाना है कब और
कितना तब माँ सिर्फ ये
देखती है खाना है
या नहीँ बस
कहीँ बच्चा भूखा तो नहीँ और
जब बच्चे खुद कमाने लग
जाते हैंमाँ बाप
विरागी और
वानप्रस्थी हो जाते है
ठीक यही हालत है बाल
यौनमनोविज्ञान की
हर लङके को हर लङकी पर
ध्यान अटकता है हर
नारी स्पर्श झनकाता है
और पढाई लिखाई के बीच
कहीँ सिनेमा साहित्य के
बीच कहीँ बहकते
कहीँ सँभलते चलते हैं और
फिसलन भरी इस राह पर
कूङा हो राख सब
खा जाने का मन करता है
तब
कानून समाज परिवार और
रिवाज बचाके रखते है
प्रकृति एक दस वर्ष के बच्चे में
यौनिक उत्सुकता भरती है
बारह से पंद्रह वर्ष
की लङकी को रजस्वला करती है
और ये अभी मात्र
निर्माण की अवस्थायें हैं
भारतीय मनीषियों ने
25वर्ष को ब्रह्मचर्य
की आयु क्यों माना??????
क्यों चिकित्साविज्ञान
ियों ने बीस से पहले गर्भ
धारण को मना किया?????
क्योंकि कमर
की हड्डियाँ पूरी फैल
नहीँ पाती और
श्रौणि मेखला के संकुचित
होने से शिशु का पेट में और
प्रसव से सिर बाहर
आना असाध्य
हो जाता है दारूण
यातना सहती है
लङकी अगर नाबालिग
जच्चा है और दैहिक
विकास पूरा ना होने
की समस्या बुढ़ापा भी बिगाङ
देती है
तब जबकि ये
क्रीङा किसी कमजोर
मनोबल के पलों में हो जाये
जबकि इन
जिम्मेदारियों का अहसास
ही ना रहे?????
और ये भी कि चालाक
बङी आयु के पुरूष इस नाजुक
मानसिक अवस्था में
बहकाने में कुशल
शिकारी होकर आज
भी लङकी को ही बदचलन
कह देते है????
तब क्या माननीय
बस्तों के साथ बर्थकंट्रोल
पिल्स और निर्देशक
वीडियो ऑडियो भी बँटवायेंगे???
क्योंकि दिल्ली से बाहर
अभी भी लङकियाँ बङी उम्र
तक भाभियों के दिये
ज्ञान पर निर्भर है
जबकि नाबालिग
का गर्भपात कानूनन जुर्म
है????
जबकि बङी लंबी वैवाहिक
जिंदगी बिताने के बाद
भी अक्सर जोङों में एक
या कुछ संतान
अनचाही हो ही जाती है
लाख उपाय अपनाने के
बाद भी!!!!
और अक्सर ये जोङे गर्भपात
की दवायें लेते हैं तो फेल
हो जाती है!!!!
फिर बारी आती है
गर्भपात की और भीषण
कष्टदायी प्रक्रिया से
केवल
लङकी ही को गुजरना होता है
!!?!!
उसके बाद भी महीनों के
कष्ट और
जबकि लङकी दसवीँ और
बारहवी कक्षा की छात्रा हो तो!!!!!
इम्तिहान पढ़ाई लिखाई
और प्रेगनेंसी?????
गर्भपात?????? रक्तस्राव????
दर्द कमजोरी???
सामाजिक बदनामी????
क्योंकि विवाह
तो होगा ही नहीँ
और 14---21साल की उमर के
लङके
कमाते क्या हैं????
जबकि किसी भी नाबालिग
दुरदांत
बलात्कारी को किसी भी आयु
की स्त्री के साथ रेप पर
अपराधी नहीँ माना जाता 18साल
से पहले
लङकी की शादी कानूनन
जुर्म है और 21 से पहले लङके
की शादी जुर्म है तब
माननीयों ने ये कैसे सोच
लिया कि 16साल
की लङकी की सहमति सिर्फ
हमउम्र नाबालिग
लङका ही माँगेगा?????
वह कोई भी चालाक
करीबी रिश्तेदार
पङौसी और शिक्षक
भी हो सकता है?????
16 वर्ष सहमति से संबंध?????
एक आम गाँव की कस्बे
की 16साल
की लङकी को बहकाना कितना आसान
है जबकि नयी उत्सुकतायें
चरम पर होती है 50 साल
का खेला खाया कोई
अधेङ आसानी से
बहला लेगा
जबकि गर्भवती होने के
खतरे हैं नादानी है और तब
जबकि 18से कम के लङके
को रेप पर
सजा नहीँ दी जा सकती??????
©®sudha raje
Mar 14
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You, Mahesh Ojha and 6 others
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Sudha Raje
ये कविता कब है???? गुस्सा है
Like · 1 · Edit · Mar 14
Sudha Raje
Sudha Raje Mar 17 · वोट? नहीँ एडल्ट
मुवी? नहीँ शादी? नहीँ जुर्म पर सजा?
नहीँ जॉब? नहीँ करार की क्षमता?
नहीँ ड्राईविंग लायसेंस? नहीँ बच्चा?
नहीँ नशा खरीदना? नहीँ तंबाकू
गुटखा शराब??? नहीँ सेक्स???? ओके अब ये
कोई दिमाग जिम्मेदारी का काम तो है
नहीँ Garrrrrrrrrr This
Lagislation ??????? क्या चाहते हैँ साफ
समझ में आ रहा है कि ये महिलाओं
की रक्षा सुरक्षा का मामला तूल पर है
अगली पीढ़ी तक सब दलदल में धँस जाये
और सवाल रहे ही नहीँ पूरा संस्कार
का ड्रामा ही finish
Jun 12

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