Monday, 16 December 2013

स्त्री और समाज 16---

Sudha Raje wrote a new note:
नाबालिग अपराधी बढ़ रहे है सावधान .
Sudha Raje
Sudha Raje
प्रकृति नाबालिग उसे
ही कहे जो यौनहिंसा
में असमर्थ हो
ठीक वृद्ध भी
कुछ लोग चालीस से पचास
में वीतरागी
तो
कुछ
सत्तर के वृद्ध नया ब्याह
करके बाप भी बन रहे हैं
किसी भी अपराध
का निरणय आपराधिक
कृत्य मानसिकता
परिणाम
हालात
मकसद
और पीङित को हानि
पीङित के
अपनों को हानि
सामाजिक समरसता
शांति
और
प्राकृतिक सहअस्तित्व
को हानि से आँकलित
किया जाना चाहिये
जिस देश में सबसे
ज्यादा रेप मासूम
नाबालिग लङकियों पर
हो रहे हैॆ
वेश्या बनाने के लिये
मासूम लङकियाँ चुराकर
बेची जा रही हैं और
वेश्यालयों में नाबालिग
वेश्याओं
की लाखों की संख्या है
जहाँ
नाबालिग कन्याओं
का विवाह अब
भी बङी उम्र के पुरूष से
होकर वैवाहिक
बलात्कार हो रहे हों
वहाँ अब परिवर्तन
मजबूरी है जरूरत है
वोट डालने और सांसद विधायक
राष्ट्रपति बनने की जब
आयु सीमायें
अलग अलग हैं
तो
क्यों नहीं बालिगता
और
रेप मामलों पर बालिगता का मसला आयु
की बजाय किये गये कृत्य से
होना चाहिये
रेप में बालिगता की सीमा 16 वर्ष
ही हो जाये
बाकी मामलों में 18 बनी रहे
वैसे भी हम रोज देखते हैं गाँव में स्कूल में
दाखिले के वक्त मास्टर जी फैसला करते
है
कि बच्चे की तारीख जन्म की क्या हो
क्योंकि हम खुद प्रिंसिंपल रहे कुछ साल
और इधर सैकङों बच्चों को हाँक कर स्कूल
ले गये
वोट बनाते वक्त
मैडम सर कोई प्रमाणपत्र नहीं देखते
दावा है कि लाखों
नाबालिग
हर चुनाव में वोट डालते हैं
खुद राजनीति की है सो पता है
बदलो
हर स्त्री आज मेरी आवाज मैं साथ दे
क्योंकि
बहुत पुरानी घटना नही जब
7नाबालिगों ने माँ के बगल से कार में
खींच
लङकी रेप की
एक माँ की उम्र की पङौसन की रेप करके
हत्या कर दी
एक टीचर का रेप किया
जीरो से दस साल तक
की लाखों लङकियाँ रेप हुयीँ
संशोधन अब
होना ही चाहिये
जो रेपिस्ट है वो बालिग है
सजा मिले चरम सजा
चाहे उम्र कुछ भी हो
We women
are
not
Toys
Change the system
Jan 29
·
हम सब कई बार हँसते मतदान पत्र
बनवाते या स्कूल एडमीशन कराते
जब माँ या बाप कहते
"ये उस साल होया था जबके औरै पङे ते
यो
खेत में होया था जब चैत काट रही थी
अब
यो तुमहिं लगाओ जी चौमासे में
होया था
वा साल जब बाढ आयी थी
दिन तो याद नही
हो गये होंगे कोई पाँच सात साल
अजी देख के लिख दो
""
हम कहते ये तो दस साल का लग रहा है
और
तुमने अपनी उमर पच्चीस लिखायी है तब
क्या ये पंद्रह में पैदा हुआ
हँसती
शरमाती ना जी इससे
बङी बिटिया की तो शादी हो गयी
अब
?????
और हम
जीवविज्ञानी ज्योतिषविज्ञानी
बनकर
सबका हैप्पी बर्थ डे
घोषित करते जाते
ये
हाल है
कि कुँवारी जवान
लङकी जो हमारी शादी के दिन जवान
थी
किसी वजह से
शादी नहीं हो पायी तो सत्तरह पर
ही अटकी
है
जबकि वो बत्तीस से कम की नहीं
हमने कहके बुराई मोल ले ली
कि मेरी शादी को सत्तरह साल हो गये
ये तो नाची थी हमारै मुँहदिखाई वाले
दिन
· Jan 29
Sudha Raje
सवाल से जुङा बवाल है
कि मौजूदा कानून
के मुताबिक ऐसे दरिंदे को भी
तीन साल की चरम सजा जिसे बालक
सुधार कहा गया दी जा सकती है और
ये कि अट्ठारह का होते ही मुक्त
करना होगा
यानि जून 2013के बाद और आगे उसे बंद
नहीं रखा जा सकेगा
जो रेपिस्ट हत्यारा भी हैं साजिश
करता भी
कितना बङा मजाक है इंसाफ का??
माना कि निर्दोष को सजा न हो भले
ही दोषी छूट जाये
लेकिन
पीङित पर अभूतपूर्व अपराध होने
की विलक्षण दशा में सुबूत साबित
दुरदांत
दैत्य केवल
चार महीने कम की आयु का लाभ लेकर छूट
जाये
?????
ये कम अंतर एक दिन एक घंटे का भी होने
पर
मजबूरी होता
जबकि
बीमा पॉलिसी में छह माह एक दिन
को साल पूरा
और
छह माह में एक दिन कम को साल
पिछला मानते है ़?????
· Jan 29

क्या ये
एक भयानक संदेश नहीं है
???
अस्सी साल से आठ माह
तक
की किसी स्त्री का रेप
हो जाता हो
जिस देश में
लाखों रेपिस्ट
नाबालिग
है
और पौने अट्ठारह
से बारह साल तक
के
लङके
नवजात से किसी भी उम्र
की स्त्री का रेप किये
पाये गये
रेप के बाद हत्या या रेप से
हुयी हत्या की भी
लाखों वारदातें हैं
तब
क्या विधायन कोई जङ
वस्तु है
सैकङो संशोधन देश
की आजादी से अब तक
प्रस्तावना से मूल
अधिकारों तक हो चुके हैं
तब
ये संशोधन क्यो नहीं
नाबालिग
अपराधों की बाढ़ आने
वाली है
देखना
क्योंकि कीचङ
वहीं बनता है
जहाँ पानी रुक जाय
Jan 29
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