Friday, 20 December 2013

स्त्री और समाज

Sudha Raje wrote a new note: Sudha
Rajeपुरूषवादियों को औरतों सेपरेशानी क्या है?????
देखिये साफ सीधी बात
हैअच्छा खासा """परमेश्वर""...
Sudha Raje
पुरूषवादियों को स्त्रीवाद से
परेशानी क्या है?????
देखिये साफ सीधी बात है
अच्छा खासा """परमेश्वर"""धङाम से
मामूली मिट्टी का इंसान बन गया!!!!!!!
जिस आदमी से अपनी शर्ट का बटन
नहीं लगाया जा पाता अपनी पसंद
की पंद्रह बीस चपातियाँ और पाँच कप
चाय दो कटोरी चावल साल में दो स्वेटर
नही बनाये जा पाते खुद के लिये और
अपनी पेंट कमीज धुलती प्रेस
नहीं हो पाती वह
((कृपया सहयोगी पुरूषों को अलग रखें))
एक कितना स्वादिष्ट सपना पाले
रहता था कुछ अभी भी कि उस माटी के
पुतले के श्री चरणों के पुण्य प्रताप से
चमत्कार होंगे।
पति पति पति करती जपती महासती को
ही बिजली हवा पानी आँधी सब ठहर
जायेंगे??? वह मृत्यु के और पति के बीच में
खुद को खङा कर देगी!!!!!
वह भिखमंगे ससुराल वालों को पाँव धरते
ही स्वर्ग के वैभव लक्षमी बनकर
ला देगी!!!!
तब सारी विधवायें असती हैं चाहे वे राम
की मैया हो या आपकी कोई नातेदार
!!!!! और विवाहित होकर गरीब रह गये
पुरूष???? निसंदेह
उनकी पत्नियाँ सती नहीं लक्ष्मी नही उनके
""सत्त""में तेज नहीं????
कैसी मूरखताई पुराणों की औरतें वर्तमान
में खोजता अहंकारी उग्रवादी पुरूषवाद
उन पुराणों के चमत्कारी पुरूषों के कोई
चमत्कार खुद नहीं कर सकता
सारे शहरो की दीवारे ""निराश न
हो""के भित्ति लेखों से पटीं पङी ।शर्तिया इलाज़
को कोनों में ढाबे लगे पङे तब भी ।
ये
पोंगापंथी साङी चोटी घूँघट और रसोई में
बाँधकर स्त्री को सतयुग लाना चाहते
हैं????
दारू के अड्डे???
गुटखा????
वेश्यालय???
ढोंगी महात्माओं
और बलात्कारियों के लिये इनके पास कोई
परमेश्वरत्व नहीं है
सारी ताकत सारी कलम जुबान सोच
केवल अबोध लङकियों और अपने घरों में बंद
डरी सहमी छटपटाती औरतों पर
धर्म औऱ संस्कृति जैसे केवल स्त्री की नाक
कान में बिंधाया जेवर का टुकङा हो ।
औरत
ना पहनेगी तो सारे देवता नाराज
हो जायेंगे
©®¶©®¶sudha Raje
Mar 7

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