Friday, 22 November 2013

अविवाहित प्रतिभायें और आक्रामक समाज

Sudha Raje
फैसला विवाह नहीं करने का
तब जब कि मन तैयार नहीं किसी के
अनुकूल ढलकर खुद को खतम करने को ।
बोझ से अच्छा है अकेली जिंदगी ।
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ये सबके बस का है ही नहीं और सबके लिये
है ही नहीं सिर्फ समर्थ स्वावलंबी सशक्त
महिला ही ये फैसला ले सकती है और वे
बिना किसी मास्टर
की उपदेशावली की परवाह के ये फैसले ले
रही है
ममता बनर्जी जयललिता गिरिजा व्यास
उमा भारती मायावती अगाथा शैलजा कुमारी सुष्मिता सेन
रेखा एकता कपूर और लाखों ताकतवर
महिलायें जिनको किसी पुरुष के समर्थन
की परवाह नहीं
उनके अपने फैसले और परिवार है
ये विवाह की मरी लाश घसीटती बेबस
औरतें और घर में बीबी को कैद करके
अन्याय करने वाले ढोगी नहीं समझ सकते
Nov 16 at 1:15pm · Edited
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You, Hitender Yadav and 66
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Sudha Raje
सवाल यही है कि वह अकेली सुखी है और
माँ बनकर खुश भी समाज????? जो रेप
नहीं रोक सकता ईवटीजिंग नहीं रोक
सकता जो तेजाबी हमले नहीं रोक
सकता जो औरत की दहेज हत्या नहीं रोक
सकता जो तलाक वैधव्य और मारपीट
नही रोक सकता????

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