Thursday, 29 June 2017

मेरा देश - गर्व क्यों नहीं करते अपनी मातृभूमि की परंपरा पर

भारत 'के योग और ज्योतिष गणित और आयुर्वेद का 'सम्मान पूरा विश्व करता है
',जब संयुक्त राष्ट्र संघ तक ने "विश्वयोग दिवस 'घोषित करके पूरे विश्व
के सुंदर जीवन स्वस्थ जीवन निरोग जीवन के लिए लोगों को प्रेरित करने के
लिए अपील की हो योग अपनाने की ',तब जो भी सरकार हो या विपक्ष उसे गर्व ही
होना चाहिये था ',एक तरफ कॉंग्रेसी मुख्यमंत्री हरीश रावत "उत्तराखंड में
योग करते नजर आये तो दूसरी तरफ """"""चारा घोटाला रोपी लालू परिवार और
सुशासनबाबू 'नीतीश कुमार ""

जानबूझकर गायब ही नहीं रहे बल्कि """कङवे शब्दों में योग को """"बाबा
रामदेव का योग कहकर """"योगदिवस तक मनाने का विरोध करते नजर आये!!!कुतर्क
ये रहा कि योग जियादे जरूरी है कि शराबबंदी?

''''ये बिहारी नेता,, कभी जाति मजहब और दलगत घृणा से ऊपर उठकर '''राष्ट्र
और मानव "को समझेंगे????

,,,,कौन सी शराबबंदी की बात करते हो नितीश जी?? गुजरात में बहुत पहले से
शराब बंद है!!!
दम है तो लालू समधियाने में यानि यूपी में ""शराब बंदी करा के दिखायें
'''''शराबबंदी ""भाजपाविरोधी पूरा जो महामोर्चा संगठित हुआ था उन सबके
विधान सभा संसदीय क्षेत्र में करके दिखायें ",

कहाँ बिहारियों ने शराब पीनी छोङ दी??? पङौसी राज्यों भर की बात नहीं है
कि जाकर पी आते है ',ताङी भाँग गाँजा मेडिकल स्टोर की नशीली दवायें और
गुटखा सबसे अधिक यूपी बिहार में ही "भक्षण किया जाता है ।
योग न भाजपा की बपौती है न बाबा रामदेव की ',,हम जैसे लाखों लोग बचपन से
योग करते हैं ',खुशी होती है जब उसको विश्वस्तरीय मान्यता मिलती है
',क्योंकि जब हम जैसे साधारण लोग किसी परिचित से कहते हैं कि योग से हमें
लाभ है आराम है तो कोई गंभीरता से नहीं लेता ',किंतु जब पूरी दुनियाँ साथ
में चालीस मुसलिम देश भी योग करते नजर आते हैं तब ''''''लाखों लोग घरों
में भी योग करने लगते हैं """जिन जिन ने छोङ दिया था वे भी दोबारा करने
लगते हैं!!

यूपी की अल्पसंख्यक हितैषी सरकार का भी यही "राष्ट्र सम्मान विरोधी रवैया रहा है "
बाबा रामदेव एक व्यक्ति है 'योग एक विधा है ''इस बात का श्रेय तो बाबा
रामदेव और माननीय नरेंद्र मोदी जी को देना ही पङेगा कि ""योग का वैश्विक
सम्मान हुआ """"
किंतु क्योंकि भूलते हो ""जाति गत घृणा बढ़ाओ राज करो वाले बिहारी नेता
जी,,,,,,, कि योग तो सदियों से भारत से विदेश जा रहा है ''लाखों पर्यटक
भारत हर वर्ष योग सीखने आते है जब रामदेव और मोदी जी का नाम तक ना सुना
था लोगों ने "यूरोपियन चाईनीज और अमेरिकन तब भी केरल ऋषिकेश योगा सीखकर
विदेश जाकर सिखाते थे!!!!!!
लानत्त है ऐसी,,, जमालोछाप ईर्ष्या पर,,,जहाँ बात देश की आये वहाँ मजहब
पार्टी जात की बात करनेवाला ग़द्दार """लानत्त
©®सुधा राजे

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