Wednesday, 12 March 2014

लेख :- नदियाँ तो सबकी हैं।।

क्या केवल हिंदू ही पीते नहाते बरतते हैं
नदियाँ???? क्या ये जिम्मेदारी केवल
हिंदू की है??? तो फिर सारे बूचङ खाने
और मिल कारखाने नगर निगम
जो अहिन्दू शासक मालिक नदियों में
पटक रहे हैं ""कैसे रुकें? ""बहुत से हिंदू अब
मुरदे बिजली से जलाते है नदी में साबुन
तेल नहीं लगाते निर्माल्य नदी की बजाय
बाग में गाढ़ते है और मुंडन के बाल भी खेत
में गाढ़ने लगे हैं """"किंतु नदी में
सीवरेज??? कसाईखाने नगर निगम और
ड्रेनेज कारखानों मिलों का कौन रोके???
कैसे??? हम आपको ही मुखिया बनाते हैं
चलिये कीजिये अगुआई??

टिहरी पर बाँध बना दिया!!!!!!!
कितना रोका हम सबने!!!!! अविरल गंग
प्रवाह
होता तो नदियाँ ""स्वतः बरसात और
बाढ़ से साफ होती!!!
जमुना को गंदा नाला बना दिया "दिल्ली सरकारों ने
""अविरल जमुना रहती तो स्वतः साफ
रहती!!! बाँध बनाकर
सुखा डाली नदियाँ कम से कम
गंगा यमुना सरयू नर्मदा गंडकी तो रहने
देते??? बिजली केवल हिंदू बरतते हैं????

सदियों से नदी किनारे ही आक्रमण किये
गये नदी किनारे ही नगर बसे और
साम्राज्यवादी आतताई सब नदी किनारे
ही संकुल होते गये ।।पूर्वोत्तर के
राज्यों की तुलना संभव नहीं है
यूपी बिहार राजस्थान महाराष्ट्र और
मध्यभारत पंजाब के ""इलाके आक्रान्ताओं
ने बार बार तबाह किये और आज़ादी के
बाद सरकारें केवल तुष्टिकरण वोट और
आरक्षण के भरोसे चलतीं आ रहीं है ये
""हिम्मत " किसमें है जो पंच दिव्य
सरितायें ""अविरल प्रवाहित कर दे
सीवरेज ड्रेनेज और रेल उल्लंघन से मुक्त!!!!!!

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