Saturday, 1 March 2014

अकविता :तुम सिर्फ इसलिये महान हो

7 minutes ago ·
तुम सिर्फ इसलिये महान हो क्योंकि बहुत
सारे लोग जो तुमसे श्रेष्ठ थे जानबूझ कर
गुमनाम रखे गये ।
तुम सिर्फ इसलिये पुरस्कृत हो क्योंकि कुछ
लोग जो तुमसे अधिक हुनरमंद थे हाथ कुचल
कर विकलांग कर दिये गये ।
तुम सिर्फ इसलिये विजेता हो
क्योंकि कुछ लोग जो तुम से
ज्यादा पराक्रमी थे साज़िश करके
प्रतियोगिता से बाहर रखे गये ।
तुम सिर्फ इसलिये सम्मानित हो क्योंकि
कुछ लोग जो पूजे जाते कभी फूल मालाओं
की राह में किसी के लिये नहीं रुके ।
बहुत
सी जीवनियाँ कभी समाधि या मज़ार के
बिना हङप्पा मोहन जोदङो हो जाती हैं
और कुछ सायास लिखाये गये "नामे "
©®सुधा राज

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